आज हम भारत सरकार व राजस्थान,मध्यप्रदेश की संयुक्त जल परियोजना यानि Modified Parvati- Kalisindh -Chambal Link Project (Integrated ERCP): राम जल सेतु लिंक परियोजना के बारे में Rajasthan में आयोजित होने वाली समस्त परीक्षाएं जिनको RPSC व RSMSSB की विश्लेषणात्मक दृस्टि से अध्ययन करंगे इसमें मैंने MP- Rajasthan का MOU, राजस्थान का बजट 2025-26 व आर्थिक समीक्षा 2024 -25 के आंकड़ों से तैयार किया है यदि सरकार की और से कुछ इसको लेकर जानकारी या अपडेट आता है तो अपडेट कर दिया जायेगा |

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Modified Parvati- Kalisindh -Chambal Link Project (Integrated ERCP): राम जल सेतु लिंक परियोजना
राजस्थान में जल संसाधनों के प्रबंधन और वितरण को सुधारने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई ‘राम जल सेतु लिंक परियोजना’ (पूर्व में पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना या PKC-ERCP) राज्य की एक महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना है। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के 17 जिलों में पेयजल और सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराना है, जिससे लगभग 3.25 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा और 25 लाख किसानों की लगभग चार लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
Project History & Name Changes(परियोजना का इतिहास और नाम परिवर्तन)
- इस परियोजना की शुरुआत पहले “पूर्वी राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP)” के नाम से हुई थी। बाद में इसे “पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना (PKC-ERCP)” कहा जाने लगा। फिर, 22 जनवरी 2025 को, अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ के मौके पर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसका नाम बदलकर “राम जल सेतु लिंक परियोजना” रख दिया। इस नए नाम का मकसद भगवान श्रीराम के पुल (सेतु) से प्रेरणा लेना और राजस्थान व मध्य प्रदेश के जल संसाधनों को आपस में जोड़ना है।
Objective & Benefits of the Project (परियोजना का उद्देश्य और लाभ)
विषय | विवरण |
---|---|
मुख्य उद्देश्य | चंबल और उसकी सहायक नदियों के अतिरिक्त वर्षा जल को अन्य नदियों में स्थानांतरित करना |
जल स्थानांतरण किन नदियों से होगा? | चंबल, कुन्नू, कूल, पार्वती, कालीसिंध, मेज |
जल किन नदियों में भेजा जाएगा? | बनास, मोरेल, बाणगंगा, रूपारेल, पार्वतनी, गंभीर |
लाभ | राजस्थान की 40% आबादी को 2054 तक पेयजल और सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा |
Indira Gandhi Nahar Pariyojana : राजस्थान की जीवनरेखा
Districts benefited from the Project(परियोजना से लाभान्वित जिले)
- इस परियोजना से राजस्थान के 17 जिलों को फायदा मिलेगा, जिनमें प्रतापगढ़, कोटा, बारां, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, डीग, खैरथल तिजारा, कोटपूतली बहरोड़, जयपुर, अजमेर और ब्यावर शामिल हैं। इन जिलों के करीब 3.25 करोड़ लोगों को साफ पीने का पानी मिलेगा, और लगभग 4 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा।

Project launch(परियोजना का शुभारंभ)
- 17 दिसंबर 2024 को राजस्थान के इतिहास में एक स्वर्णिम दिन के रूप में दर्ज हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर के पास आयोजित एक भव्य समारोह में संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना (ERCP) का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर राजस्थान की मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे।

Project Features(परियोजना की विशेषताएं)
- जल पुनर्भरण: बनास, मोरेल, बाणगंगा, रूपारेल, पार्वती, गंभीर और साबी नदियों को फिर से जीवित किया जाएगा, जिससे पानी का स्तर बढ़ेगा।
- सिंचाई सुविधा: 4 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, जिससे 25 लाख किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
- औद्योगिक विकास: इस परियोजना से उद्योगों को भी पानी मिलेगा, जिससे नए उद्योग लगेंगे और क्षेत्र का विकास होगा।
Rajasthan budget 2025-26 & Economic survey 2024 -25[Modified Parvati- Kalisindh -Chambal Link Project (Integrated ERCP): राम जल सेतु लिंक परियोजना]
राम जल सेतु लिंक परियोजना (पूर्व में ERCP) – Phase-1A और Phase-1B की प्रगति
🚀 Phase-1A: नवनेरा बैराज से इसारदा बांध तक – प्रगति और योजनाएं
- नवनेरा बैराज का निर्माण पूरा
- इसारदा बांध का 80% काम पूरा, जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य
- NGBI लिंक परियोजना की डीपीआर तैयार (₹14,200 करोड़)
- रामगढ़ और महलपुर बैराज से जल प्रवाह सुनिश्चित
- बिसलपुर बांध के जलस्तर में 0.5 मीटर बढ़ाने का प्रस्ताव
📅 25 जून 2024 – ₹9,416 करोड़ के 3 बड़े पैकेज
1️⃣ रामगढ़ बैराज, महलपुर बैराज और नवनेरा पंप हाउस – ₹2,395.80 करोड़
2️⃣ नवनेरा से मेज एनीकट तक नहरें – ₹2,330.10 करोड़ (वन्यजीव मंजूरी प्रक्रिया जारी)
3️⃣ गालवा बांध, इसारदा बांध और बिसलपुर तक सुरंगें – ₹4,690.80 करोड़
🌊 Phase-1B: 2024-25 बजट में घोषित नए लक्ष्य
- मेज बैराज-बूंदी और राठौड़ बैराज-सवाई माधोपुर जलवाहन प्रणाली (₹13,000 करोड़)
- इसारदा बांध से जयपुर, शाहपुरा और भरतपुर तक जल लिंक (₹4,100 करोड़)
- डूंगरी बांध से अलवर जलाशय तक जल स्थानांतरण (₹9,700 करोड़)
- बिसलपुर से मोर सागर (अजमेर) तक जल आपूर्ति की योजना
📢 मुख्य टेंडर – काम जल्द शुरू होगा!
✔ मेज बैराज निर्माण – ₹317.99 करोड़
✔ इसारदा से जयपुर जल वाहक – ₹1,914.95 करोड़
✔ मोर सागर कृत्रिम जलाशय – ₹3,865.11 करोड़
🚜 ERCP परियोजना के लाभ: कृषि, उद्योग और पेयजल
✅ किसानों की आय दोगुनी – 2.5 लाख हेक्टेयर नई सिंचाई भूमि से फसल उत्पादन बढ़ेगा
✅ शहरी विकास – जयपुर, अजमेर, भरतपुर जैसे शहरों में पानी की समस्या हल होगी
✅ रोजगार के अवसर – निर्माण और उद्योगों के विस्तार से हजारों युवाओं को नौकरियां
🌍 ERCP परियोजना: भविष्य की ओर एक बड़ा कदम
- यह परियोजना राजस्थान और मध्य प्रदेश में जल संतुलन बनाएगी
- 2025 तक Phase-1A पूरा करने और 2030 तक संपूर्ण लक्ष्य हासिल करने का प्लान
- “हर खेत को पानी, हर घर को नल” के सपने को साकार करने की दिशा में मजबूत कदम 🚰
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